बकरी पालन टीकाकरण गाइड - कौन सा टीका, कब और कैसे लगाएं

बकरी टीकाकरण क्यों जरूरी है?
बकरी पालन में सबसे बड़ा नुकसान बीमारियों से होता है। एक बार महामारी फैल जाए तो पूरा झुंड नष्ट हो सकता है। सही समय पर टीकाकरण इन बीमारियों से 90% तक सुरक्षा देता है। टीकाकरण पर खर्च करना इलाज पर खर्च से 10 गुना सस्ता पड़ता है।
बकरियों के लिए जरूरी टीके
1. PPR (Peste des Petits Ruminants) टीका
यह बकरियों की सबसे खतरनाक बीमारी है जो मुंह, आंख और सांस तंत्र को प्रभावित करती है।
टीके का नाम: PPR Vaccine (Live Attenuated)
खुराक: 1 मिली (चमड़े के नीचे)
उम्र: 3 महीने से ऊपर
दोबारा: हर 3 साल में एक बार
सीजन: अगस्त-सितंबर (मानसून से पहले)
2. FMD (Foot and Mouth Disease) - खुरपका मुंहपका
टीके का नाम: FMD Vaccine (Trivalent)
खुराक: 2 मिली (मांसपेशी में)
उम्र: 4 महीने से
दोबारा: हर 6 महीने में
सीजन: मार्च और सितंबर
3. Enterotoxemia - आंतरिक विषाक्तता
टीके का नाम: Clostridium Perfringens Type C & D Vaccine
खुराक: 2 मिली (चमड़े के नीचे)
उम्र: 6 सप्ताह से
दोबारा: सालाना
विशेष: हरे चारे के सीजन से पहले जरूर लगाएं
4. HS (Hemorrhagic Septicemia) - गलघोंटू
टीके का नाम: HS Vaccine
खुराक: 2 मिली (चमड़े के नीचे)
उम्र: 6 महीने से
दोबारा: सालाना
सीजन: मई-जून (मानसून से पहले)
5. Brucellosis - बुखार रोग
टीके का नाम: Brucella abortus Vaccine (S19 या RB51)
खुराक: केवल मादा बकरियों को 4-8 महीने की उम्र में एक बार
महत्व: गर्भपात रोकने के लिए बहुत जरूरी
6. Goat Pox - चेचक
टीके का नाम: Goat Pox Vaccine
खुराक: 1 मिली (चमड़े के नीचे)
उम्र: 3 महीने से
दोबारा: सालाना
सीजन: अक्टूबर-नवंबर
वार्षिक टीकाकरण कैलेंडर
जनवरी-फरवरी
मार्च-अप्रैल
मई-जून
जुलाई-अगस्त
सितंबर-अक्टूबर
नवंबर-दिसंबर
बीमारियों के लक्षण और इलाज बकरी की 10 आम बीमारियां में, और बरसात की विशेष सावधानियां मानसून में बकरी स्वास्थ्य में देखें।
टीकाकरण के समय सावधानियां
डीवर्मिंग - कृमिनाशक उपचार
टीकाकरण के साथ-साथ नियमित डीवर्मिंग भी जरूरी है:
बकरेवाला फार्म पर हर बकरी का टीकाकरण रिकॉर्ड रखा जाता है। अपनी बकरियों के टीकाकरण के लिए संपर्क करें: +91 99771 56789
टीकाकरण रिकॉर्ड इंश्योरेंस और लोन दोनों में काम आता है — योजनाएं सरकारी योजनाएं पेज पर देखें। नई बकरी खरीदते समय उसका टीकाकरण रिकॉर्ड ज़रूर मांगें; बकरेवाला फार्म इंदौर से ली गई बकरियों के साथ यह रिकॉर्ड दिया जाता है।
