
बकरी की बीमारियां - पहचान और इलाज
बकरी पालन में सबसे जरूरी है कि आप अपनी बकरियों की सामान्य गतिविधि जानें। जब बकरी कम खाए, अलग रहे, या उसकी आंखें मंद पड़ जाएं - यह बीमारी के संकेत हैं। जितनी जल्दी पहचान, उतना जल्दी इलाज और कम नुकसान।
1. अफारा (Bloat) - पेट फूलना
लक्षण:
कारण: हरा, ताजा, या गीला चारा ज्यादा खाना
घरेलू इलाज:
डॉक्टरी इलाज: Bloatex या Tympasol 20-30 मिली
2. दस्त (Diarrhea) - पतले मल
लक्षण:
घरेलू इलाज:
डॉक्टरी दवा: Neomycin, Sulphadimidine
3. निमोनिया (Pneumonia)
लक्षण:
कारण: ठंड, नमी, हवा का झोंका
घरेलू इलाज:
डॉक्टरी इलाज: Oxytetracycline या Amoxicillin इंजेक्शन
4. खुर पकना (Foot Rot)
लक्षण:
घरेलू इलाज:
5. PPR (बकरी प्लेग)
लक्षण:
कोई घरेलू इलाज नहीं - तुरंत डॉक्टर बुलाएं
रोकथाम: PPR टीका सबसे जरूरी
6. कृमि रोग (Worm Infestation)
लक्षण:
घरेलू इलाज:
डॉक्टरी दवा: Albendazole 7.5 mg/kg या Ivermectin
7. बकरी चेचक (Goat Pox)
लक्षण:
इलाज: Symptomatic treatment, बीमार को अलग करें
रोकथाम: Goat Pox Vaccine
8. कैस्यूस लिम्फैडेनाइटिस (CLA) - गांठ रोग
लक्षण:
इलाज: गांठ को डॉक्टर से साफ कराएं, Penicillin इंजेक्शन
9. मास्टाइटिस - थन की सूजन
लक्षण:
इलाज:
10. Orf (Contagious Ecthyma) - मुंह की बीमारी
लक्षण:
घरेलू इलाज:
ज़्यादातर बीमारियां समय पर टीके और डीवर्मिंग से रुकती हैं — बकरी टीकाकरण गाइड देखें। महंगे पशुओं के लिए बकरी पालन इंश्योरेंस पर भी विचार करें।
कब डॉक्टर बुलाएं?
तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाएं जब:
बकरेवाला फार्म पर 24 घंटे पशु चिकित्सक सेवा उपलब्ध है।
संपर्क: +91 99771 56789
स्वस्थ, टीकाकृत बकरी खरीदने के लिए बकरेवाला फार्म इंदौर देखें या संपर्क पेज से बात करें।
